हरियाणा। राष्ट्रीय स्तर की ५१वीं विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी (राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी) २६ से ३१ दिसंबर २०२४ तक सोनीपत के राई में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में आयोजित की गई। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में २९ राज्यों के १८५ से अधिक प्रदर्शकों के साथ-साथ सीटीए स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय स्कूल और परमाणु ऊर्जा स्कूल जैसे स्वायत्त निकायों ने भी भाग लिया। हरियाणा के विभिन्न स्कूलों से १०,००० से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी में भाग लिया।
प्रदर्शनी का आधिकारिक उद्घाटन हरियाणा के माननीय राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा के माननीय स्कूल एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा और एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने किया। इस कार्यक्रम में कई तरह की गतिविधियां शामिल थीं। जैसे कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों के व्याख्यान, साथ ही अंतिम दिन एक शैक्षिक भ्रमण। दूसरे दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण प्रदर्शनी में शोक की अवधि रखी गई और सांस्कृतिक प्रदर्शन रद्द कर दिए गए। समापन समारोह में मुख्य शिक्षा आयुक्त पंकज अग्रवाल, हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री जितेंद्र कुमार और एनसीईआरटी की डीईएसएम प्रमुख प्रो. सुनीता फरक्या ने भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रदर्शनियों की थीम ‘समाज के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ रखी गईं थीं। इसमें पांच उप-विषय शामिल थे- स्वास्थ्य (स्वास्थ्य सेवा में नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करना), जीवन (पर्यावरण के लिए जीवनशैली, टिकाऊ जीवन को बढ़ावा देना), कृषि (खेती और खाद्य सुरक्षा में प्रगति पर जोर देना), संचार और परिवहन (भविष्य की गतिशीलता अवधारणाओं को प्रदर्शित करना) और कम्प्यूटेशनल सोच (प्रौद्योगिकी संचालित समस्या-समाधान पर प्रकाश डालना)। प्रदर्शनों की विस्तृत शृंखला ने कार्यक्रम में रचनात्मकता और ऊर्जा को जोड़ा और इसे नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक जीवंत मंच में बदल दिया।
राष्ट्रीय प्रदर्शनी से पहले एनसीईआरटी द्वारा प्रदान की गई थीम के आधार पर तिब्बती स्कूलों में प्रारंभिक स्कूल-स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इस मंच से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों को जुलाई २०२४ में सातवीं सीटीए स्तरीय विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी के लिए चुना गया। इसमें टीसीवी सेलाकुई के छह छात्र शामिल थे, जिन्होंने तीन प्रदर्शनियों का प्रतिनिधित्व किया और एसटीएस गुरुपुरा के तीन छात्र, जिन्होंने दो प्रदर्शनियों का प्रतिनिधित्व किया। इन्होंने राष्ट्रीय मंच पर तिब्बती स्कूलों की प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी ने मार्गदर्शक-शिक्षकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन के साथ सफलतापूर्वक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया और छात्रों के बीच रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम ने तिब्बती छात्रों के साथ-साथ भारत के विभिन्न क्षेत्रों के छात्रों को अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं का प्रदर्शन करने, सार्थक शैक्षिक आदान-प्रदान में शामिल होने और बेहतर भविष्य बनाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की क्षमता को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।