अमेरिका। निर्वासित तिब्बत सरकार के सिक्योंग ने १२ दिसंबर को अपने दिन की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रबंधन एवं संसाधन उप सचिव रिचर्ड आर. वर्मा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने से की। चर्चा के दौरान वर्मा ने परम पावन दलाई लामा के स्वास्थ्य, खासकर उनके हाल ही में हुए घुटने के ऑपरेशन के बाद की स्थिति के बारे में जानकारी ली। भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में अपने पिछले अनुभव के आधार पर वर्मा ने तिब्बती मुद्दों की गहरी समझ का प्रदर्शन किया।
इस बैठक के बाद अमेरिकी नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार के अवर सचिव और तिब्बती मुद्दों के लिए अमेरिकी विशेष समन्वयक उजरा ज़ेया के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक हुई। एक घंटे की बैठक में प्रतिनिधि नामग्याल चोएडुप, अवर सचिव कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार एलिसन बार्टेल और पीआरएम (जनसंख्या, शरणार्थी और प्रवासन ब्यूरो) और डीआरएल (लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम ब्यूरो) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बातचीत के दौरान सिक्योंग ने तिब्बती मुद्दे के प्रति उनके अटूट समर्थन और प्रतिबद्धता के लिए अवर सचिव ज़ेया को धन्यवाद दिया।
इसके बाद सिक्योंग पेन्पा शेरिंग ने ऐतिहासिक कार्यक्रम, ‘मोनलाम ग्रैंड तिब्बती डिक्शनरी: प्राचीन ज्ञान के लिए आधुनिक तकनीक’ में भाग लिया, जहां गेशे लोबसांग मोनलम ने वाशिंगटन-डीसी में कांग्रेस के पुस्तकालय के माध्यम से अमेरिकी लोगों को २२३-खंड में मोनलाम ग्रैंड तिब्बती डिक्शनरी प्रस्तुत की। यह दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोश माना जा रहा है। अपने संबोधन में गेशे मोनलम ने तिब्बती भाषा और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला।
बाद में सिक्योंग ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों के साथ बैठक की, जिसमें मानवाधिकारों और तिब्बती मुद्दों पर चर्चा चली।