धर्मशाला। निर्वासित तिब्बत सरकार के सिक्योंग पेन्पा शेरिंग ने ०१ दिसंबर २०२४ को धर्मशाला में तीन दिवसीय तिब्बती कलाकार महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
यह महोत्सव तिब्बत की कहानियों को दुनिया भर में प्रसारित करने में लेखकों से लेकर संगीतकारों तक के कलाकारों के अमूल्य योगदान का सम्मान करता है। इसका आयोजन तिब्बती लेखक और कवि भुचुंग डी. सोनम द्वारा तिब्बत फंड के समर्थन से किया जाता है। भुचुंग तिब्बतराइट्स के सह-संस्थापक भी हैं।
समापन समारोह के दौरान अपने संबोधन में सिक्योंग ने कहा कि पिछले छह दशकों के निर्वासन में तिब्बती समुदाय ने परम पावन दलाई लामा के उदार और दूरदर्शी नेतृत्व में अपने जीवन के सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण प्रगति की है। सिक्योंग ने इस बात पर जोर दिया कि तिब्बती लोग और संगठन तिब्बत के मुद्दे को आगे बढ़ाने वाली किसी भी पहल और अभियान को किसी भी माध्यम से आयोजित करने वालों की हमेशा सराहना करते हैं। इन पहलों में कला के सभी रूप शामिल हैं। सिक्योंग ने आगे कहा कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) आयोजकों या कार्यक्रमों की राजनीतिक संबद्धता या स्थिति की परवाह किए बिना इन प्रयासों का पूरा समर्थन करता है।
चूंकि यह अपनी तरह का पहला उत्सव है, इसलिए सिक्योंग ने इस पहल के लिए आयोजक भुचुंग डी. सोनम और तिब्बत फंड के अध्यक्ष बॉब एंकरसन के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में इसी तरह के कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया।
तीन दिनों के इस समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें तिब्बती सांसद, सीटीए अधिकारी, तिब्बती कलाकार, कला प्रेमी, मीडियाकर्मी, धर्मशाला स्थित तिब्बत निवासी, पर्यटक और अन्य लोग भी शामिल थे। इसमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों से तिब्बती लेखकों, गायकों और संगीतकारों ने भाग लिया।