
धर्मशाला। कल ०९ जनवरी २०२५ को अमेरिका के दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर के पार्थिव शरीर को वाशिंगटन डी.सी. के नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक कर दिया गया। श्री कार्टर का १०० वर्ष की आयु में पिछले महीने निधन हो गया था। उनके स्मरण में दी गई श्रद्धांजलि न केवल उनके उल्लेखनीय जीवन को बल्कि उनकी स्थायी विरासत के लिए भी, विशेष रूप से मानवाधिकारों के प्रति उनके जज्बे के प्रति श्रद्धांजलि थी। यह जज्बा उनके राष्ट्रपति पद के दौरान (१९७७-१९८१) और उनके राष्ट्रपति पद के बाद के पूरे करियर के दौरान भी उनमें दिखा।
राष्ट्रपति कार्टर तिब्बत में मानवाधिकारों के हनन को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने वाले पहले अमेरिकी नेताओं में से एक थे। उन्होंने परम पावन दलाई लामा के साथ घनिष्ठ मित्रता भी बनाए रखी। इसी का परिणाम रहा कि तिब्बती नेतृत्व और लोगों ने उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। अपने संदेश में परम पावन दलाई लामा ने लिखा, ‘तिब्बती लोग और मैं तिब्बत की स्थिति के प्रति पूर्व राष्ट्रपति कार्टर की गहरी चिंता और हमारे लोगों की पीड़ा को कम करने के उनके प्रयासों के लिए उनके प्रति सदैव आभारी रहेंगे।’ इसी तरह, सिक्योंग पेन्पा शेरिंग और स्पीकर समेत पूरे केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने दिवंगत नोबेल पुरस्कार विजेता के निधन पर अपना दुख व्यक्त किया।
सिक्योंग पेन्पा शेरिंग ने अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति कार्टर को ‘परम पावन दलाई लामा का करीबी दोस्त और एक महान व्यक्ति बताया, जिनका जीवन दुनिया भर में शांति, न्याय और मानवाधिकारों की वकालत करने के लिए समर्पित था।’
सिक्योंग पेन्पा शेरिंग ने लिखा, ‘राष्ट्रपति कार्टर का सैद्धांतिक नैतिकता राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण समय में भी चमकती रही, चाहे वह अमेरिका में परम पावन की उपस्थिति का समर्थन करके हो या तिब्बती लोगों द्वारा सहन किए जाने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन को साहसपूर्वक उजागर करके। एक राष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने उल्लेखनीय नैतिक साहस और दूरदर्शिता का प्रदर्शन किया और एक नोबेल पुरस्कार विजेता के रूप में, उन्होंने शांति और न्याय के मूल्यों का उदाहरण प्रस्तुत किया।’
सिक्योंग ने अपने पत्र में राष्ट्रपति कार्टर और परम पावन के बीच के एकसमान आदर्शों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें कहा गया कि दोनों शांति और सभी लोगों के अधिकारों में गहरा विश्वास करते थे। ‘परम पावन ने अक्सर राष्ट्रपति कार्टर के गरीबों और उत्पीड़ितों की सहायता करने के अथक प्रयासों को लेकर अपनी प्रशंसा व्यक्त की है, विशेष रूप से कार्टर सेंटर के माध्यम से, जिसने दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है।’
सिक्योंग ने अंत में लिखा, ‘हम एक ऐसे व्यक्ति के निधन का शोक मना रहे हैं, जिसने अपना जीवन दूसरों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया और वास्तव में सार्थक जीवन जिया। हम तिब्बती लोगों के प्रति उनके दृढ़ समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। उनकी महान विरासत को गहन प्रशंसा के साथ याद किया जाएगा।’
३० दिसंबर २०२४ को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के नेतृवर्ग और कर्मचारियों ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए प्रार्थना सेवा आयोजित की थी। इस दोपहर में के बाद सीटीए के सारे कार्यालय उनके सम्मान में बद कर दिए गए थे।