
प्रयागराज। भारत-तिब्बत समन्वय कार्यालय (आईटीसीओ) ने महाकुंभ में अपने नागरिक समाज संपर्क कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इससे तिब्बती मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सार्थक मंच तैयार हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम में विविध पृष्ठभूमि और राष्ट्रीयताओं से नागरिक समाज के सदस्यों, छात्रों और आम जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वरिष्ठ नेता श्री भैयाजी जोशी की उपस्थिति थी। उन्होंने अपने समर्थन और प्रोत्साहन से इस अवसर की शोभा बढ़ाई।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार और न्यू आर.एस.जे. पब्लिक स्कूल, झूसी, इलाहाबाद के छात्रों ने तिब्बती मुद्दे और संस्कृति के बारे में जानने में गहरी रुचि दिखाई। कार्यक्रम के माध्यम से तेलंगाना, लखनऊ, बिहार, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और प्रयागराज के प्रतिभागियों के साथ-साथ डेनमार्क और स्वीडन के आगंतुकों सहित पूरे भारत के लोगों से जुड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर भी मिला।
आईटीसीओ के कर्मचारियों ने शाम को अपनी संपर्क गतिविधियों को बढ़ाया। समान विचारधारा वाले व्यक्तियों से बातचीत की और तिब्बत की स्थिति के बारे में जागरुकता फैलाई। महाकुंभ में सिविल सोसाइटी से संपर्क कार्यक्रम आईटीसीओ की तिब्बत जागरुकता पहल में एक और मील का पत्थर था। इस कार्यक्रम में भारतीय नागरिक समाज, विशेष रूप से युवाओं की बढ़ती संख्या ने हिस्सा लिया, जिन्होंने तिब्बती संस्कृति और इतिहास में गहरी रुचि दिखाई। यह बढ़ता समर्थन तिब्बती मुद्दे के समर्थन में भारतीय समुदायों के साथ मजबूत संबंध बनाने के आईटीसीओ के प्रयासों की सफलता की पुष्टि करता है।