
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल चाइनीज अलायंस फॉर डेमोक्रेसी (अंतरराष्ट्रीय चीनी लोकतंत्र गठबंधन)’ द्वारा ०९ नवंबर से आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में प्रमुख चीनी लोकतांत्रिक हस्तियों, विद्वानों और ताइवान के नेताओं ने मुख्य भूमि चीन के भीतर लोकतांत्रिक आंदोलनों को प्रेरित करने में ताइवान के लोकतांत्रिक मॉडल की संभावित भूमिका के बारे में बात करने के लिए इकट्ठा हुए। इस कार्यक्रम में तिब्बत सूचना कार्यालय (जिसे तिब्बत कार्यालय भी कहा जाता है) की चीनी संपर्क अधिकारी श्रीमती दावा सांगमो ने भी भाग लिया।
इंटरनेशनल चाइनीज अलायंस फॉर डेमोक्रेसी के ऑस्ट्रेलिया इकाई के अध्यक्ष डॉ जिंगजिंग झोंग द्वारा संचालित इस संगोष्ठी का उद्देश्य न केवल लोकतांत्रिक आदर्शों पर चर्चा करना था, बल्कि एक सामान्य उद्देश्य के लिए लोकतंत्र समर्थक ताकतों को एकजुट करने के लिए व्यावहारिक रणनीति विकसित करना भी था।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि वांग डैन थे जो तियानमेन चौक के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के एक प्रमुख नेता भी रहे हैं। वांग डैन ने चीनी लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूत करने के महत्व पर प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए छह प्रमुख रणनीतियों की रूपरेखा तैयार की, जिसमें एक मजबूत समर्थन आधार का निर्माण, स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीति में अधिक सक्रिय रूप से शामिल होना और लोकतंत्र समर्थक ताकतों के बीच एकता को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने चीन-तिब्बत संबंधों पर भी टिप्पणी की, निर्वासित तिब्बती सरकार के लिए प्रशंसा व्यक्त की और सुझाव दिया कि चीनी लोकतंत्रवादी केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की शासन रणनीतियों से मूल्यवान सबक सीख सकते हैं।
चीनी संपर्क अधिकारी श्रीमती दावा सांगमो ने अपने ‘साइनो-तिब्बत सिविल फ्रेंडशिप एंड इट्स पाथ फॉरवर्ड (चीन-तिब्बत नागरिक समाज मैत्री और इसके आगे की राह)’ शीर्षक भाषण में ताइवान के लोकतंत्र को चीन में लोकतांत्रिक सुधार के लिए एक संभावित मॉडल के रूप में स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने चीनी लोकतंत्रवादियों और तिब्बतियों के बीच गहन सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे उनकी साझेदारी दोगुने स्तर तक बढ़ सके। चीन और तिब्बत के बीच घनिष्ठ भौगोलिक और ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए उन्होंने तर्क दिया कि तिब्बत की ऐतिहासिक स्वतंत्रता और इसकी वर्तमान स्थिति को कब्जे वाले क्षेत्र के रूप में स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के बीच आपसी सम्मान और रचनात्मक संवाद की वकालत करते हुए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के साधन के रूप में मध्यम मार्ग नीति के समर्थन पर भी जोर दिया।
सेमिनार में अमेरिका के चीनी डेमोक्रेट्स ने भी भाग लिया। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ चाइना के नेशनल कमेटी के उपाध्यक्ष लिकुन चेन, इंटरनेशनल चाइनीज अलायंस फॉर डेमोक्रेसी के उपाध्यक्ष और महासचिव शिनमिन किंग और चाइनीज डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स अलायंस के अध्यक्ष ज़िउहोंग जिंग शामिल थे। इन हस्तियों ने लोकतांत्रिक ताकतों के बीच निरंतर सहयोग पर एकजुट होकर किए जानेवाले समझौते की आवश्यकता को रेखांकित किया।